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विटामिन डी की कमी और इसे प्राकृतिक रूप से ठीक करने के घरेलू उपाय

विटामिन डी की कमी और इसे प्राकृतिक रूप से ठीक करने के घरेलू उपाय

विटामिन डी हमारे स्वस्थ के लिए बहुत ही जरूरी है जोकि हमे सूरज की धूप से मिलता है इसलिए इस को सनशाइन विटामिन के रूप में भी जाना जाता है । सुबह सुबह धूप लेने से विटामिन डी मिलता है। 

  सेलुलर विकास को विनियमित करने और शरीर में न्यूरोमस्कुलर कार्यों का समर्थन करने के लिए विटामिन डी की आवश्यकता होती है। यह एक Fat में घुलनशील विटामिन है, जो शरीर में कैल्शियम के Absorption को बढ़ावा देता है, इस प्रकार Bone खनिज Density में सुधार करता है।

यह अपने  Anti-Inflammatory प्रॉपर्टीज के लिए जाना जाता है जो सूजन और जोड़ों के दर्द को ठीक करता है। विटामिन डी मेटाबॉलिज्म और इम्युनिटी को बढ़ाने में मदद करता है। इस आवश्यक विटामिन की कमी से सूजन, थकान, कमजोरी, हड्डियों में दर्द और सोने में परेशानी जैसी कई बीमारियां हो सकती हैं।

 विटामिन डी की कमी जोड़ों में दर्द और सूजन के पीछे मुख्य कारणों में से एक है, जो ऑस्टियोपोरोसिस, उच्च रक्त शर्करा और Blood Pressure की ओर जाता है। इसलिए, इस  विटामिन डी को अपने दैनिक आहार में शामिल करना चाहिए ।

कोई व्यक्ति जो हड्डी और जोड़ों के दर्द के पुराने मामले से पीड़ित है या दैनिक आधार पर थकान का अनुभव कर रहा है, तो आपको अपने विटामिन डी स्तर की जांच करवानी चाहिए। इस महत्वपूर्ण विटामिन की कमी को संतुलित आहार खाने से ठीक किया जा सकता है, जिसमें मुख्य रूप से ऐसे खाद्य पदार्थ शामिल होते हैं जो ओमेगा 3 फैटी एसिड और विटामिन डी से भरपूर होते हैं।

विटामिन डी की कमी को पूरा करने के लिए हमे अपने दैनिक आहार में ऐसे भोजन को शामिल करना चाहिए जोकि विटामिन डी से भरपूर हो ऐसे ही कुछ आहार इस प्रकार है – 

1. फैटी मछली – सैल्मन, टूना, मैकेरल विटामिन डी से भरपूर होते हैं, अगर आपके शरीर में विटामिन डी की कमी है, तो ज्यादातर रोजाना मछली खाने की सलाह दी जाती है। वे फैटी एसिड और ओमेगा -3 का भी एक अच्छा स्रोत हैं, जो प्रतिरक्षा को बढ़ाने में मदद करते हैं और शरीर को ऊर्जा देते हैं।

2. कॉड लिवर तेल – कॉड लिवर ऑयल और फिश ऑयल पोषक तत्वों के दो अलग-अलग स्रोत हैं, जो शरीर के लिए समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। कॉड-लिवर ऑयल सप्लीमेंट्स को अपने आहार में शामिल करने का प्रयास करें, इसमें विटामिन डी और ओमेगा -3 की भरपूर मात्रा होती है। इन दोनों में कुछ बेहतरीन एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो जोड़ों के आसपास की सूजन को कम करने में मदद करते हैं।

3. अंडे की जर्दी – अंडे खाना हमारे स्वास्थ के लिए अच्छा है। वैसे तो  ज्यादातर लोग अंडे की जर्दी खाने से बचते हैं, लेकिन जिन लोगों में विटामिन डी की कमी होती है उन्हें इसे  खाना शुरू कर देना चाहिए। इसमें विटामिन डी की भरपूर मात्रा होती है। 

4. मशरूम – मशरूम बहुत ही पौष्टिक होते हैं, इसमें विटामिन और खनिजों की भरपूर मात्रा पायी जाती है। ये खाने में स्वादिष्ट होते हैं और इन्हें आसानी से अपने आहार में शामिल किया जा सकता है। मशरूम विटामिन डी और पोटेशियम से भरपूर होते हैं।

5. दूध – दूध विटामिन डी का एक समृद्ध स्रोत है। इसलिए, एक गिलास फुल-क्रीम दूध सहित, दिन में दो बार आपके शरीर में विटामिन डी के स्तर में सुधार कर सकता है। यह न केवल आपके चयापचय (Metabolism) को बढ़ावा देगा, बल्कि यह भी सुनिश्चित करेगा कि आप पूरे दिन थका हुआ महसूस न करें।

6. पनीर – चूंकि दूध विटामिन डी का एक बड़ा स्रोत है, इसलिए पनीर और पनीर जैसे उत्पाद अपने आवश्यक विटामिन और खनिजों के लिए जाने जाते हैं। अपने दैनिक आहार में पनीर को शामिल करने का प्रयास करें, क्योंकि यह विटामिन डी और विटामिन सी, विटामिन ए, विटामिन बी 12, पोटेशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम जैसे अन्य लाभकारी पोषक तत्वों से भरपूर होता है।

7. सोया उत्पाद – सोया दूध और इसके उत्पाद जैसे टोफू, सोया दूध विटामिन डी का एक अच्छा स्रोत है और ये शरीर में कैल्शियम अवशोषण में मदद करता है।   

8. धूप में समय बिताएं – सूरज की धूप में विटामिन डी की भरपूर मात्रा पायी जाती है। सुबह में जितना हो सके धूप में अपना समय बताना चाहिए इससे शरीर में विटामिन डी की कमी पूरी होती है। 

तो हम कह सकते है कि विटामिन डी कि कमी को पूरा करने के लिए अपने दैनिक अह्हर में Balanced डाइट को शामिल करना चाहिए। सुबह शाम को धूप में टहलना चाहिए और फुल फैट दूध पीना चाहिए। नियमित रूप से दूध, पनीर, सोया प्रोडक्ट का सेवन करना चाहिए। 

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